प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला प्रभारी संजीव निगम ने आरोप लगाया है कि यह समझौता भारतीय कृषि बाजार को अमेरिकी हितों के लिए खोलने, रूस से सस्ता तेल खरीद बंद कराने, व्यापारिक असमानता थोपने और देश के स्वाभिमान को गिरवी रखने की साजिश है, जिसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। यह ट्रेड डील नहीं, थ्रेट डील है। नई ट्रेड डील के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में टैक्स फ्री एंट्री देकर देश के करोड़ों किसानों के साथ अन्याय किया गया है। जिलाध्यक्ष अनिल प्रजापति एडवोकेट ने कहा कि क्या अडानी पर भ्रष्टाचार के आरोपों और 'एपस्टीन फाइल्स' में चौंकाने वाले खुलासों के दबाव में आकर प्रधानमंत्री समझौते कर रहे हैं? एप्स्टीन फाइल्स' और अमेरिका की धमकियों पर चुप्पी क्यों? सदन में जवाब देने के बजाय भावनाओं का सहारा लेना बंद करें। देश जवाब चाहता है! जनता पारदर्शिता चाहती है कि क्या भारत अब अपने फैसले खुद नहीं ले सकता? हमारी संप्रभुता और स्वाभिमान का सौदा क्यों किया जा रहा है ? रूस जैसे पारंपरिक मित्र से तेल न खरीदने की शर्त भारत की संप्रभुता का अपमान है।
इस अवसर पर गायत्री मिश्रा विद्या वर्मा स्वर्णिम बर्मा शारजहा मास्टर, यूके द्विवेदी मोहम्मद इस्राइल, रामजी बर्मा, अखिलेश गौतम, विनोद रावत, चंद्रप्रकाश इरफान गुड़िया राईन अहमद, मोहम्मद सूफियान, रामचरण मौर्य मौजूद रहे।

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