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28 February 2026

3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण, 9 घंटे पहले शुरू होगा सूतक काल

3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण, 9 घंटे पहले शुरू होगा सूतक काल

सुबह लगभग 8 बजे से रात 8:30 बंद रहेगें मंदिरों के कपाट

3 मार्च 2026 को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस खगोलीय घटना को लेकर धर्मनगरी अयोध्या में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। ग्रहण का समय शाम 3:19 बजे से 6:07 बजे तक निर्धारित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, इसलिए सुबह लगभग 8:00 बजे से ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे।
सूतक काल के प्रभाव के चलते अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन पर रोक रहेगी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भी ग्रहण अवधि के दौरान रामलला के दर्शन स्थगित रहेंगे। इसके साथ ही कनक भवन, दशरथ महल और हनुमानगढ़ी सहित अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों के पट भी बंद रहेंगे।
मंदिर प्रशासन के अनुसार रात लगभग 8:30 बजे तक दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी। ग्रहण समाप्ति और शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद ही पुनः नियमित आरती और दर्शन प्रारंभ किए जाएंगे।
हालांकि, ग्रहण काल में मंदिर परिसर पूरी तरह शांत नहीं रहेंगे। इस दौरान साधु-संत और पुजारी संकीर्तन, मंत्रजाप और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे घरों में रहकर भगवान का ध्यान, भजन-कीर्तन और मंत्रजाप करें।
धार्मिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए अयोध्या में परंपराओं और आस्था के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

23 February 2026

अखिलेश के बयान से गरमाई सियासत “100 विधायक लाओ और CM बन जाओ”.....!

अखिलेश के बयान से गरमाई सियासत “100 विधायक लाओ और CM बन जाओ”.....!

उत्तर प्रदेश की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई जब Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को लेकर बड़ा बयान दे दिया। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अगर BJP के डिप्टी सीएम 100 विधायक लेकर आ जाएं तो वे उन्हें मुख्यमंत्री बनाने को तैयार हैं।
अखिलेश का यह बयान सीधे तौर पर Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak को संबोधित माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर खींचतान चल रही है और डिप्टी सीएम की अनदेखी हो रही है। ऐसे में अगर वे अपने समर्थन में 100 विधायक जुटा लें तो समाजवादी पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री पद देने पर विचार कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। सपा प्रमुख का मकसद भाजपा के अंदर असंतोष की हवा को और तेज करना हो सकता है।
वहीं भाजपा नेताओं ने इस बयान को हास्यास्पद और निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और प्रदेश में नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।
गौरतलब है कि Yogi Adityanath के नेतृत्व में भाजपा सरकार काम कर रही है और डिप्टी सीएम की भूमिका संगठन और सरकार दोनों में अहम मानी जाती है।
अखिलेश के इस “बंपर ऑफर” के बाद यूपी की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ने के आसार हैं।

22 February 2026

दिल्ली प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन और पथ संचलन

दिल्ली प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष वादन और पथ संचलन

अयोध्या। दिल्ली प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने अयोध्या में घोष वादन एवं पथ संचलन का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राम की पैड़ी स्थित लता चौक से हुई, जहां स्वयंसेवक अनुशासित पंक्तियों में एकत्र हुए।
घोष दल के मधुर वादन के साथ स्वयंसेवक राम पथ से आगे बढ़े। पूरा मार्ग घोष की ध्वनि से गूंज उठा और वातावरण राष्ट्रभाव तथा भक्ति से ओत-प्रोत दिखाई दिया। पथ संचलन हनुमानगढ़ी होते हुए श्रीराम मंदिर गेट तक पहुंचा। मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने भी जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
पारंपरिक गणवेश में शामिल स्वयंसेवकों ने अनुशासन और संगठन की एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्रीराम मंदिर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने भगवान राम लला के समक्ष घोष वादन समर्पित किया और राष्ट्र एवं समाज की उन्नति का संकल्प लिया।
संघ पदाधिकारी गोपाल राव ने कहा कि पथ संचलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, संगठन भावना और राष्ट्रीय चेतना को मजबूती मिलती है।
दिल्ली प्रांत के स्वयंसेवकों का यह आयोजन अयोध्या की पावन धरती पर विशेष महत्व रखता है और समाज को एकजुटता का संदेश देता है।
तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नहीं होना होगा परेशान, घर-घर सत्यापन करेंगे बीएलओ

तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नहीं होना होगा परेशान, घर-घर सत्यापन करेंगे बीएलओ

अयोध्या: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी एवं सुगम बना दिया गया है। इस नई व्यवस्था से मतदाताओं को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टी. फुडे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन मतदाताओं के नाम, आयु, लिंग, पते अथवा अन्य विवरण में तार्किक विसंगति पाई गई है, उन्हें अब किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) स्वयं संबंधित मतदाता के घर जाकर नोटिस का वितरण करेंगे तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि बीएलओ नोटिस की पावती लेकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड करेंगे। इस प्रक्रिया के पूर्ण होते ही सुनवाई स्वतः संपन्न मानी जाएगी। किसी भी मतदाता को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय या सुनवाई स्थल पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन नामावली की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। यह पहल मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी हो सके।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त हो तो बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, सही जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्यवाही पूर्ण की जा सके और पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप में निर्वाचन नामावली में दर्ज रहे।
मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन

मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन

अयोध्या। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर अयोध्या में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह शिविर डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सौरभ लवानिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। शिविर का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा की अनुमति एवं मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे।
मेगा शिविर से पूर्व तहसील, ब्लॉक एवं पंचायत स्तर पर लघु शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। परिणामस्वरूप कुल 25,290 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए चिन्हित कर लाभान्वित किया गया। वहीं मेगा शिविर के दौरान 18 विभागों के 197 पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में विधिक जागरूकता से जुड़े विविध आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहे। भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक कुरीति पर आधारित नाटक के माध्यम से लोगों को संवेदनशील संदेश दिया गया। साथ ही सीपीआर प्रशिक्षण, अग्निशमन विभाग की मॉक ड्रिल तथा छात्राओं द्वारा आत्मरक्षा का प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल वर्ग, दिव्यांगजन, महिलाओं, बच्चों एवं श्रमिकों को विधिक रूप से सशक्त बनाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा। आयोजन को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सराहा गया।