राम मंदिर निर्माण के लिए नया ट्रस्ट गठित होने के बाद से जहां अयोध्या में हलचल तेज हो गई है, तो वहीं राम जन्मभूमि निर्माण कार्यशाला में अजब सी असमंजस की स्थिति है। असमंजस इस कदर है कि न्यास कार्यशाला के व्यवस्थापक अन्नू भाई सोनपुरा कहते है, पहले तो पत्थर तराशने वाले कारीगरों का पैसा विहिप से मिलता था, अब उसका कोई ट्रस्टी नही है और जो ट्रस्टी बने है उनको हम जानते नही। अब कारीगर बुलाऊंगा तो उसका पैसा कौन देगा? इसलिए अब परेशान है। लिहाजा जब ट्रस्ट वाले मिलेंगे कारीगरों का पैसा देने को कंहेगे, पेमेंट की जिम्मेदारी लेंगे तभी कारीगरों को बुलाऊंगा। यही कारण है कि राम मंदिर का फैसला आने और उसके बाद ट्रस्ट की घोषणा होने के बाद जब राम मंदिर निर्माण का समय आया है तो राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला में पत्थरों की तराशी का कार्य बंद है, जबकि अभी केवल 50 प्रतिशत ही पत्थर तराशने का कार्य हुआ है। लिहाजा जब तक नए ट्रस्ट श्री राम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के सभी ट्रस्ट यू के नाम की अधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती और नया ट्रस्ट राम मंदिर निर्माण की बागडोर अपने हाथों में नहीं ले लेता तब तक के लिए राम जन्मभूमि निर्माण कार्यशाला में पत्थर तराशने का काम ठप हो गया है और जहां कारीगरों की चहलकदमी और चीनी हथौड़े की टिक टिक की आवाज राम मंदिर निर्माण का एहसास कराती थी, आज उसी कार्यशाला में सन्नाटा पसरा है।
07 February 2020
Author: Editor
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