कार्यक्रम के प्रथम दिवस मॉक सत्र आयोजित किया गया, जबकि दूसरे दिन संसद को दो सत्रों में संचालित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राहुल नार्वेकर, अध्यक्ष महाराष्ट्र विधानसभा उपस्थित रहे। प्रथम सत्र में पंच-परिवर्तन और जलवायु शासन - आधुनिक नीतिगत ढांचों में भारत की पारिस्थितिक बुद्धिमत्ता का पुनर्जीवन विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं दूसरे सत्र में COP30 में भारत और विश्व क्या भारतीय सभ्यता के शाश्वत मूल्य वैश्विक जलवायु के लिए नैतिक नेतृत्व को दिशा दे सकते हैं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं ने अपने विचार व्यक्त किए। समापन सत्र में मुख्य अतिथि पद्मश्री जनार्दनपंथ बोथे ने सेवा और समर्पण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। अवध प्रांत की ओर से विकासार्थ विद्यार्थी संयोजक शाश्वत अवस्थी, सह-संयोजक मानवेन्द्र प्रताप सिंह, शांडिल्य सूरज त्रिपाठी व छात्रा अंशिता सिंह ने कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रतियोगिता में इंटीग्रल विश्वविद्यालय के अंबुज राय को 'बेस्ट प्राइम मिनिस्टर अवार्ड' तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के उत्कर्ष सिंह 'बेस्ट पार्लियामेंट्री रूलिंग पार्टी अवार्ड' से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना रहा।
राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद आयोजित, पर्यावरण मुद्दों पर हुआ मंथन
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयाम 'विकासार्थ विद्यार्थी' की ओर से 14 - 15 फरवरी को आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद में देशभर के विश्वविद्यालयों से आए 177 प्रतिनिधियों ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर मंथन किया।

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