30 April 2023

जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की जन्मस्थली का हो रहा सुंदरीकरण

जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की जन्मस्थली का हो रहा सुंदरीकरण

रिपोर्ट:संजीव आजाद

अयोध्या: अयोध्या में श्री रामलला के भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण के साथ ही जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जन्मस्थली पर भी भव्य मंदिर निर्माण हो रहा है। जहां भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी और उनके 101 पुत्रों के साथ-साथ करीब 720 प्रतिमाओं और तीस चौबीस तीर्थंकर पंचकल्याणक महा मस्तकाभिषेक एवं विश्वशांति महायज्ञ किया जाएगा। जिस में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से 19 प्रदेशों और 131 जिलों की जैनधर्म के अनुयाई अयोध्या पहुंच चुके हैं। 

30 अप्रैल से 7 मई तक संपन्न होगा महा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा

बता दें कि जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि ज्ञानमती माता के सानिध्य में आठ दिवसीय पंचकल्याणक महा मस्तकाभिषेक एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए दिगंबर जैन मंदिर के पीठाधीश जगतगुरु स्वस्ति रविन्द्रकीर्ति ने बताया कि 30 अप्रैल को गर्भाकल्याणक, 1 मई को जनकल्याणक विशाल जुलूस, 2 मई को तप कल्याणक, 3 तारीख को आचार चर्या, 4 को केवल कल्याणक, 5 मई को मोक्ष कल्याणक, 5 से 7 मई तक महा मस्तकाभिषेक का वृहद आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम में परम पूज्य आचार्य विपुल सागर महाराज का ससंग सानिध्य एवं प्रज्ञा श्रमणी आर्यिका चंदनामती माता का मार्गदर्शन हो रहा है।
भगवान ऋषभदेव, उनके 101 पुत्रों सहित 720 प्रतिमाओं की होगी स्थापना

गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने बताया कि वर्तमान चौबीसी के 5 तीर्थकरों की जन्मभूमि अयोध्या है, जिसमें वर्तमान चौबीसी के ऋषभदेव, अजीतनाथ, अभिनंदननाथ, सुमित नाथ एवं अनंतनाथ भगवान की जन्मभूमि है। उन्होंने बताया कि 30 चौबीसी की 720 प्रतिमाएं एवं भगवान ऋषभदेव के मोक्षगामी 101 पुत्रों की प्रतिमाएं एवं भगवान भारत स्वामी की 31 फुट उत्तुंग प्रतिमा का महापंचकल्याणक संतों के सानिध्य में संपन्न किया जाएगा।

19 प्रदेशों और 131 जिलों से अयोध्या पहुँचे जैनधर्म के अनुयाई
 
कार्यक्रम के व्यवस्थापक जीवन जैन ने बताया कि भगवान चक्रवर्ती भरत जी के नाम पर ही देश का नाम भारतवर्ष पड़ा है, लेकिन कहीं भी भरत जी की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं की गई है, इसीलिए भगवान ऋषभदेव की जन्मस्थली अयोध्या के जैन मंदिर में चक्रवर्ती भरत जी की 31 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी और भगवान ऋषभदेव, उनके मोक्षगामी 101 पुत्रों सहित कुल 720 प्रतिमाओं की पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामस्तकाभिषेक एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया है। जिस में शामिल होने के लिए देशभर के करीब 19 प्रदेशों और 131 जिलों से श्रद्धालु गाना अयोध्या पधार चुके हैं।

28 April 2023

अधर्म पर धर्म की विजय का हुआ शंखनाद-शरद पाठक "बाबा"

अधर्म पर धर्म की विजय का हुआ शंखनाद-शरद पाठक "बाबा"

निर्दल मेयर प्रत्याशी अनीता शरद पाठक बाबा को चुनाव चिन्ह शंख मिला

अयोध्या: भाजपा से बगावत शुरू करने वाले शरद पाठक बाबा की पत्नी अनीता पाठक को हिंदुत्व का प्रतीक माना जाने वाला चुनाव निशान शंख मिला है। चुनाव निशान मिलने के बाद शरद पाठक "बाबा" ने कहा कि यह शंखनाद है, अधर्म पर धर्म की विजय का।अयोध्यावासियों के समस्याओं से मुक्ति का और अयोध्या में असली भगवा लहराने का, श्री पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को झूठा, दंगाई, जातिवादी, और विकास विरोधी पार्टी बताने वाले और हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और लोकप्रिय सांसद लल्लू सिंह जी के लिए अपमान जनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को आज भाजपा के ही शीर्ष नेतृत्व ने अयोध्या महापौर (मेयर) पद पर राज्याभिषेक करने की तैयारी कर ली है, लेकिन ऐसे व्यक्ति को अयोध्यावासी और भाजपा के कार्यकर्ता अयोध्या मेयर/ महापौर के पद पर कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा से महापौर प्रत्याशी गिरीश पति त्रिपाठी जी को कांग्रेस की सरकार में विकास दिखाई देता है। यह बात त्रिपाठी जी स्वयं मानते हैं। एक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों को भ्रष्टाचारी तक बोल दिया था। यह भी कह दिया कि भाजपा की सोच विकास की नहीं है और कांग्रेस की सरकार जाने के बाद अयोध्या, उत्तर प्रदेश सब बदहाल है और आज बड़े दुख के साथ अयोध्या के भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को और संपूर्ण भारतवर्ष के भाजपा के कार्यकर्ताओं को यह सूचित करना पड़ रहा है कि अयोध्या महापौर प्रत्याशी के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इन्हीं का नाम सुझा है, ना जाने किन कारणों के चलते इन्हें भाजपा से अयोध्या मेयर/महापौर प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। 
बागी भाजपाई शरद पाठक बाबा ने एक कांग्रेसी विचारधारा वाले व्यक्ति को महापौर प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए अपनी पत्नी अनीता शरद पाठक बाबा का नामांकन निर्दलीय कर दिया है। श्री पाठक बाबा का यह भी कहना है कि हमारी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा है।अयोध्या में महापौर के पद के लिए भाजपा प्रत्याशी के रूप में ना ही किसी कांग्रेसी विचारधारा वाले प्रत्याशी को बर्दाश्त किया जाएगा, ना ही भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अपमान करने वाले किसी को बर्दाश्त किया जाएगा। साथ ही विभिन्न वार्डो में पार्षद प्रत्याशियों के रूप में किसी माननीय के कृपा पात्र को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 11 मई 2023 को मतदाता अयोध्या के हित में इसका जवाब अवश्य देंगे।

बता दें कि शरद पाठक बाबा लंबे समय से हिंदू हिंदुस्तान और हिंदुत्व की लड़ाई लड़ते रहे हैं अब ऐसे में हिंदुत्व का प्रतीक शंख चुनाव निशान मिलने पर इसे राम जी की कृपा बता रहे हैं। शरद पाठक बाबा का यही भी कहना है कि चुनाव जीतने के बाद उनकी पत्नी भाजपा की ही मेयर रहेंगी।

26 April 2023

रामनगरी में होगी भगवा से भगवा की चुनावी जंग...!

रामनगरी में होगी भगवा से भगवा की चुनावी जंग...!

नगर निगम चुनाव में शुरू हुई बगावत और जंग

नगर निगम चुनाव: कमल और भगवे के बीच होगी टक्कर...!


अयोध्या: भारतीय जनता पार्टी के लिए नाक की सीट मानी जाती है, चाहे वह लोकसभा हो, विधान सभा या फिर नगर निगम। लेकिन इस बार नगर निगम के चुनाव में बगावत की जंग शुरू हो चुकी है और इस बार मेयर के चुनाव में कमल से भगवे की टक्कर मानी जा रही है। हालांकि इस जंग में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी पीछे नहीं है।

अब हम आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है..... मेयर का टिकट न मिलने के बाद भाजपा नेता व मित्र मंच के प्रमुख शरद पाठक बाबा ने  बगावत छेड़ दी है, बाबा ने पहले तो अपनी पत्नी अनीता पाठक को मेयर के चुनाव में भाजपा के खिलाफ चुनावी मैदान में उतार कर भगवा के साथ चुनाव प्रचार करने का एलान कर दिया, इतना ही नही इसके बाद टिकट न मिलने पर भाजपा से नाराज निर्दल पार्षद प्रत्यासियों को अपने समर्थन में एक जुट करना भी शुरू कर दिया है। कई निर्दल प्रत्यासियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शरद पाठक बाबा ने भाजपा संगठन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की उपेक्षा करते हुए एक कांग्रेसी नेता को मेयर का टिकट दिया गया है और 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कांग्रेस में रहते हुए भाजपा के शीर्ष नेताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है मेरे या मेरे परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाएं लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।
जानिए, कौन हैं भाजपा प्रत्याशी गिरीश पति त्रिपाठी 

गिरीश पति त्रिपाठी अयोध्या के वशिष्ठ पीठाधीश्वर तीन कलश मंदिर के महंत हैं। इनका लंबा राजनीतिक सफर रहा है, लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहते हुए जिलाध्यक्ष के तौर पर काफी काम किया है। लेकिन 2017 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी के साथ जुड़ गए। इनकी पीठ का अयोध्या के साथ पूर्वांचल में अच्छा प्रभाव है, उससे 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा वो कथा वाचन भी करते हैं। त्रिपाठी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं, वहां पर भी उनके बड़ी संख्या में फॉलोवर्स हैं, इस बार अयोध्या नगर निगम में बीजेपी ने अपने मौजूदा मेयर ऋषिकेश उपाध्याय का टिकट काट कर उनकी जगह पर गिरीश पति त्रिपाठी को टिकट दिया है।
जानिए, कौन हैं शरद पाठक "बाबा" और अनीता पाठक

शरद पाठक "बाबा" लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहकर हिंदुत्व से जुड़े तमाम मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। अयोध्या नगर निगम चुनाव को लेकर शरद पाठक बाबा ने एक सीवी जारी की है, जिसके अनुसार धारा 370 और आर्टिकल 35A के विरोध में अयोध्या से कश्मीर के लाल चौक के लिए तिरंगा यात्रा निकाली थी।त्रेतायुग की त्रिलोदकी गंगा नदी के पुनर्जीवन के अभियान का नेतृत्व किया, जिसमें सफ़लता मिली। देश के इतिहास में पहली बार अयोध्या में मित्र मंच के तत्वावधान में वर्ष 2018 में 100 से अधिक मुस्लिमों के साथ जय श्री राम के नारों के साथ पंचकोसी परिक्रमा किया। महारानी पद्मावती व 16000 महिलाओं के जोहर दिवस को हिंदुस्तान के कई शहरों में व विश्व के कई देशों में बलिदान दिवस पर सम्मान दिवस के रुप में मनाया। श्री राम चरित्र मानस, रामायण एवं श्रीमद् भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कराने के लिए अभियान चला रहे हैं।अयोध्या में राम पथ निर्माण चौड़ीकरण में व्यापारी भाइयों से वार्ता कर कंधे से कंधा मिलाकर चलने का वादा भी किया है। CAA के समर्थन में सम्पूर्ण अयोध्या में जन जागरुकता अभियान चलाया।

24 April 2023

शीतला प्रसाद शुक्ला को मिला निष्ठावान होने का ईनाम

शीतला प्रसाद शुक्ला को मिला निष्ठावान होने का ईनाम

भाजपा ने उन्हे कामाख्या धाम नगर पंचायत का दिया टिकट

अयोध्या। नवसृजित नगर पंचायत कामाख्या धाम में भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।वैसे तो भाजपा से टिकट लेने के लिये करीब एक दर्जन लोगों ने काफी प्रयास किया।लेकिन पार्टी ने अपने निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता को ही तरजीह दी है।रविवार को भाजपा द्वारा जारी की गयी सूची में शीतला प्रसाद शुक्ला का नाम होने से भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार करते हुए उन्हे बधाई दी।शीतला प्रसाद की गिनती क्षेत्र में समर्पित भाजपा कार्यकर्ता के रुप में की जाती है।जब कभी भाजपा की हालत पतली थी तब भी उन्होने भाजपा का झन्डा मजबूती से पकड़े हुए थे।उसी का इनाम पार्टी द्वारा उन्हे दिया गया है।शीतला प्रसाद शुक्ला ने मुख्यमंत्री तथा पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया है।

20 April 2023

किसान उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान बनेंगे आत्मनिर्भर...!

किसान उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान बनेंगे आत्मनिर्भर...!

कृषि में सहकारिता से आएगी समृद्धि : सहायक निदेशक
अयोध्या: केंद्र सरकार ने 10,000 एफपीओ स्कीम के तहत पूरे देश में दस हज़ार  एफ़पीओ बनाने का लक्ष्‍य रखा है और इसके लिए विभिन्न सरकारी एवं ग़ैरसरकारी संगठनों द्वारा किसान उत्पादक संगठन का समवर्धन किया जा रहा है । जनपद में भी भारत सरकार के इस स्कीम के अंतर्गत सभी विकास खंड में एक एक एफ़पीओ बनाए गये हैं और जिसे राज्य एवं केंद्र के विभिन्न विभागों द्वारा सहयोग एवं मार्गदर्शन किया जा रहा है।
इसी क्रम में दो दिन के अयोध्या दौरे पर आए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सहायक निदेशक संजीव मिश्रा ने बताया कि कृषि में सहकारिता से समृद्धि आएगी और किसान उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान आत्मनिर्भर होंगे और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में भी बदलाव आएगा ।
संजीव मिश्रा द्वारा जनपद के ४ विकास खंड- मवई, मिल्किपुर, तारुन एवं मया बजार एफ़पीओ का निरीक्षण किया गया और एफ़पीओ के निदेशक मंडल एवं कार्यकर्ताओं को एफ़पीओ के कुशल प्रबंधन हेतु सुझाव दिया गया।
ग़ौरतलब है कि अयोध्या जनपद के ६ विकास खंड- मिल्किपुर, मया बाज़ार, तारुन, मवई और होरंटिंगंज में कौशल्या फ़ाउंडेशन द्वारा किसानों को जागरूक कर किसान उत्पादक संगठन बनाया गया है । इसके लिए संस्था को भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और नाबार्ड के द्वारा ज़िम्मेदारी दी गयी है । किसान उत्पादक संगठन छोटे एवं सीमांत किसानों का एक व्यापारिक, व्यावसायिक एवं भारत सरकार से निबंधित संगठन है जो किसानो का, किसानो के लिये और किसानो के द्वारा चलायी जाती है।
कौशल्या फ़ाउंडेशन द्वारा प्रोत्साहित जनपद के 6 एफ़पीओ में कुल 1800 किसान जुड़े हैं। तारुन विकास खंड के एफ़पीओ को राज्य के कृषि विभाग के तरफ़ से फ़ार्म मशीनरी बैंक भी प्रदान किया गया है जिससे क्षेत्र के किसान काफ़ी लाभान्वित हो रहे हैं।
एफ़पीओ, किसान-सदस्यों द्वारा नियंत्रित स्वैच्छिक संगठन हैं, इसके सदस्य इसकी नीतियों के निर्माण और निर्णयन में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। किसान उत्पादक संगठन की सदस्यता लिंग, सामाजिक, नस्लीय, राजनीतिक या धार्मिक भेदभाव के बिना उन सभी लोगों के लिये खुली होती है जो इसकी सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम हैं और सदस्यता की ज़िम्मेदारी को स्वीकार करने के लिये तैयार हैं। यह योजना उत्पादन, उत्पादकता, बाजार पहुंच, विविधीकरण, मूल्य वर्धित, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि आधारित रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कृषि उत्पादन समूह दृष्टिकोण पर आधारित है। 
कौशल्या फ़ाउंडेशन के मैंनेजिंग ट्रस्टी कौशलेंद्र ने बताया कि  वित्तीय लाभ और तकनीकी सहायता के लिए योजना के तहत पात्र होने के लिए FPO को कंपनी कानून, 2013 या राज्य सहकारी समिति कानून के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है, जिसमें मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 300 किसान होना आवश्यक है। इस योजना के अंतर्गत उन्हें स्थिर और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए प्रबंधन लागत के रूप में 3 साल के लिए अधिकतम 18.00 लाख रुपये प्रति FPO की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। FPO के वित्तीय आधार को मजबूत करने और उन्हें प्रमाणित करने वाले मुफ्त ऋण प्राप्त करने के लिए, अधिकतम 2000 रुपये प्रति सदस्य समान हिस्‍से की आर्थिक मदद का प्रावधान है। इसमें 15 लाख रुपये प्रति FPO और क्रमशः 1.50 करोड़ रुपये की बैंक योग्य परियोजना ऋण गारंटी सुविधा है।

किसान सदस्य को लाभ :-
• किसान की आय में वृद्धि: यह किसानों के खेतों या फार्म गेट से ही उपज की बिक्री को बढ़ावा देगा जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
• इससे आपूर्ति शृंखला छोटी होने के परिणामस्वरूप विपणन लागत में कमी आएगी जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी।
• रोज़गार सृजन: यह ग्रामीण युवाओं को रोज़गार के अधिक अवसर प्रदान करेगा तथा फार्म गेट के निकट विपणन और मूल्य संवर्द्धन हेतु बुनियादी ढांँचे में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
• कृषि को व्यवहार्य बनाना: यह भूमि को संगठित कर खेती को अधिक व्यवहार्य बनाएगा।
• किसानों के एक मज़बूत विशाल किसान संगठन के सदस्य होंगे  
• बाज़ार अनुसंधान के अनुसार कृषि होगी 
• खेत से बाज़ार तक सहभागिता, बड़े बाज़ार तक आपके कृषि उत्पाद की पहुँच 
• उपज की ब्रांडिंग होगी 
• भारत सरकार के कृषि सम्बंधित स्कीम का लाभ मिलेगा 
• उत्पादक एवं उपभोक्ता दोनों हेतु मूल्य सुरक्षा किसान उत्पादक संगठन का उदेश्य है  
• ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से किसान उत्पादक संगठन अपने उत्पाद को बेचेंगी 
• मार्केट लिंकेज हेतु भारत सरकार के ई-नाम पोर्टल से एफ़पीओ को जोड़ा जाएगा 
• अच्छी गुणवत्ता पूर्ण साफ़ सुथरा उत्पाद हेतु किसानों को जागरूक करेंगी 
• उचित तौल, पैकिंग, बोरा सिलाई, भंडारण, मार्केटिंग आदि सुविधा किसान सदस्य को प्राप्त होगा 
• न्यूनतम किराये पर भाड़े पर कृषि यंत्र किसान सदस्यों को उपलब्ध होगा  
• जगह जगह पर स्टॉल लगाकर किसान उत्पादक संगठन के उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा 
•  
• किसान संगठन के पास खाद बीज कीटनाशक आदि का अपना लाइसेन्स होगा 
• किसान सदस्य को सभी ख़रीद बिक्री का पक्का बिल मिलेगा 
• किसान सदस्यों के लिए समय समय पर जागरूकता शिविर लगाकर सरकारी स्कीम की जानकारी दी जाएगी और स्कीम का लाभ दिलाया जाएगा 
• मिट्टी जाँच की सुविधा प्रदान की जाएगी 
• किसान सदस्यों को वैज्ञानिकों के साथ संवाद करवाया जाएगा 
• किसान सदस्यों को नई नई तकनीकों की जानकारी दिया जाएगा और किसान के खेत पर प्रत्यक्षण किया जाएगा 
• सदस्यों के कम्पनी के फ़ायदे में हिस्सेदारी मिलती है 
• सदस्यों को उत्तम प्रशिक्षण एवं बेहतर सम्पर्क मिलता है 
• किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से कृषि विशेषज्ञों का सलाह मिलता है 
• बाज़ार भाव की जानकारी मिलती है 
• किसान उत्पादक संगठन के सभी कार्यों का लेखा जोखा सदस्यों को वार्षिक बैठक में दिया जाता है साथ ही सदस्यों के सुझाव के अनुसार अगले वर्ष का कार्य योजना बनाया जाता है।
किसान उत्पादक संगठन के सुचारू संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी और एक लेखाकार नियुक्त किया जाएगा, जिसके लिए भारत सरकार किसान उत्पादक संगठन को 3 वर्ष तक वित्तीय मद्द भी प्रदान करेंगी (कार्यालय ख़र्च एवं स्टाफ़ ख़र्च के लिए 3 साल के लिए अधिकतम 18 लाख का अनुदान भारत सरकार द्वारा दिया जाएगा।
एफ़पीओ को सरकार द्वारा अधिकतम 15 लाख का मैचिंग ग्रांट मिलेगा अर्थात एफ़पीओ के किसान मिलकर जितनी पूँजी (अधिकतम 15 लाख) एफ़पीओ में जमा करेंगे उतना भारत सरकार भी एफ़पीओ को पूँजी देगी। प्रति किसान इसकी सीमा 2000 रुपए हैं।

18 April 2023

अयोध्या नगर निगम सीट पर भाजपा के साथ सपा और बसपा की भी नजर

अयोध्या नगर निगम सीट पर भाजपा के साथ सपा और बसपा की भी नजर

अयोध्या: निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है और दूसरे चरण की भी नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है ऐसे में नगर निगम अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण सीट को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी गणित बैठाना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी ने इस बार पूर्व विधायक जय शंकर पांडे के बेटे आशीष पांडे दीपू पर दांव खेला है तो वहीं दूसरी तरफ बसपा ने इस बार पिछड़ा कार्ड खेलते हुए राममूर्ति यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने टिकट को लेकर अभी भी कशमकश जारी है।

यह है अयोध्या का चुनावी समीकरण

नगर निगम अयोध्या पर भाजपा के साथ-साथ सपा और बसपा की भी नजर है, सभी पार्टियां अयोध्या जैसी महत्वपूर्ण सीट पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। लिहाजा प्रत्याशियों को लेकर बेहद सावधानी बरती जा रही है। बता दें कि अयोध्या नगर निगम बनने के बाद भाजपा प्रत्याशी के तौर पर ऋषिकेश उपाध्याय ने सपा की ट्रांसजेंडर प्रत्याशी गुलशन बिंदु को कांटे की टक्कर के बाद 3593 मतों के अंतर से हराया था। लेकिन इस बार विस्तारीकरण में 41 गांव और जोड़ने से चुनावी समीकरण बदलता नजर आ रहा है। विस्तारीकरण के बाद अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में 3,32,290 मतदाता है। जिसमें 50% ग्रामीण 50% शहरी शामिल हैं। नगर निगम अयोध्या क्षेत्र में लगभग 1,10,000 सामान्य मतदाता हैं, इसके साथ ही लगभग 60,000 मुस्लिम मतदाता और लगभग 70,000 बैकवर्ड व एससी/एसटी मतदाता लगभग 40,000 हैं इसके साथ ही करीब 25,000 साधु संत हैं। अब सवाल यह है कि जातीय समीकरण के हिसाब से अयोध्या में किसकी जीत होगी, कौन बनेगा अयोध्या का मेयर, यह आने वाली तारीख तय करेगी, लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है।

सपा ने आशीष पांडेय दीपू को बनाया प्रत्यासी 

समाजवादी पार्टी ने आशीष पांडेय उर्फ दीपू को अयोध्या नगर निगम से मेयर पद का प्रत्याशी बनाया है।  आशीष पांडेय अंबेडकरनगर जनपद की कटेहरी विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक रह चुके और मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे जय शंकर पांडेय की बेटे हैं और अयोध्या विधानसभा से पूर्व राजमंत्री और सपा प्रवक्ता तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय के भांजे हैं। आशीष पांडेय की राजनैतिक सक्रियता से अधिक सामाजिक सक्रियता रही है मगर उनके परिवार का राजनैतिक अनुभव उनके लिए बड़ा काम आ सकता है।
   आशीष पांडेय, दीपू सपा प्रत्यासी

बसपा ने खेला पिछड़ा कार्ड, राममूर्ति यादव पर लगाया दांव

बसपा ने इस बार पिछड़ा कार्ड खेलते हुए राममूर्ति यादव को मैदान में उतारा है। राममूर्ति यादव नगर निगम क्षेत्र के पुरुषोत्तम नगर वार्ड (हांसापुर) निवासी हैं और सन 2016 से बसपा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही साथ नगर निगम के विस्तारीकरण से पहले ग्राम सभा हाँसापुर के पूर्व प्रधान भी रह चुके हैं। तो इनका नगर निगम के क्षेत्र का स्थानीय होना और बैकवर्ड प्रत्याशी होना इनके लिए बड़ा फायदेमंद हो सकता है।
       राम मूर्ति यादव बसपा प्रत्यासी 

निकाय चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए मुस्तैद प्रशासन

निकाय चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए मुस्तैद प्रशासन

अयोध्या। नगर निकाय चुनाव के द्वितीय चरण की नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है जो 24 अप्रैल तक चलेगी। नामांकन पत्रों के भरने के बाद जांच होंगी और वापसी के बाद सिम्बल आवंटन किया जाएगा फिर 11 मई को मतदान के बाद प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी जो 13 मई को मतगणना बाद सामने आएगी।

नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन वरिष्ठ भाजपा नेता व मित्र मंच राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक "बाबा" ने एक सेट व उनकी पत्नी अनीता पाठक ने चार सेट में नामांकन पत्र खरीदा। शरद पाठक "बाबा" ने बताया कि उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 6000 का चालान जमा किया है, साथ ही साथ नगर निगम अयोध्या व तहसील सदर से नोड्यूज प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया है। इसी के साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने नामांकन पत्र भारतीय जनता पार्टी के तरफ से खरीदा है।

नामांकन पत्र खरीदने के बाद शरद पाठक "बाबा" ने बताया कि हमने जब से होश संभाला है तब से हिंदू और हिंदुत्व के लिए ही काम किया है। श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में भी हमने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, 2018 के (धारा 370 आर्टिकल 35A के विरोध में) अयोध्या से कश्मीर के लालचौक के लिए तिरंगा यात्रा निकाली। इसके बाद त्रेतायुग की त्रिलोदकी गंगा नदी के पुनर्जीवन अभियान का नेतृत्व किया जिसमें सफलता मिली। देश के इतिहास में पहली बार अयोध्या में मित्रमंच के तत्वाधान में वर्ष 2018 में 100 से अधिक मुस्लिमों के साथ जय श्री राम के नारों के साथ पंचकोसी परिक्रमा किया। महारानी पद्मावती व 16000 महिलाओं के जोहर दिवस को हिंदुस्तान के कई शहरों में व विश्व के कई देशों में बलिदान दिवस पर सम्मान दिवस के रुप में मनाया।
पहले दिन उम्मीदवारों ने खरीदा नामांकन पत्र

15 April 2023

धूमधाम से मनाई गई बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की 132वीं जयंती

धूमधाम से मनाई गई बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की 132वीं जयंती


रिपोर्ट:कुमकुम/अनूप कुमार
अयोध्या: बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संयुक्त जयंती समिति के बैनर तले भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती गोकुल रिसार्ट देवकाली में हर्षोल्लास के साथ मनायाा गया। इस वर्ष संजफी हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ मुकेश कुमार गौतम के विशेष प्रयास से शहर के विभिन्न संगठनों ने एक साथ संयुक्तुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया। सबसे पहले कचहरी परिसर स्थित डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्री त्रिशरण पंचशील ग्रहण किया, इसके साथ सभी संगठनों ने अपने कार्यालय पर बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित किया और मिठाइयां बांटी। गोकुल रिसोर्ट में जयंती कार्यक्रम के प्रारंभ में पंजाब से आए बौद्ध भिक्षु भंते विनयाचार्य  ने उपस्थित लोगों को त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कराया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गाजियाबाद से आयी ममता बौद्ध उर्फ ममता राक्षस ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जीवन परिचय बताते हुए उनके शिक्षाओं को आत्मसात करने की जरूरत बताई, उन्होंने बताया कि शिक्षा ऐसी चाबी है जिसके द्वारा हम समता समानता और स्वतंत्रता को प्राप्त कर सकते हैं। 
          सांस्कृतिक कार्यक्रम
हरियाणा से चलकर आए राष्ट्रीय मिशन गायक मंजीत मेहरा और सहारनपुर से आई सविता अंबेडकर ने अपने गीत के माध्यम से ना सिर्फ बाबा साहब के शिक्षाओं को फैलाया बल्कि देर रात तक जनसमूह को मनमोहक प्रस्तुति से रोके रखा,  कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने विभिन्न रूपों में अपनी खूब प्रतिभा दिखाई और मंचन के माध्यम से बच्चों ने लोगों को जागरुक करने का कार्य किया। समित के अध्यक्ष डॉ मुकेश गौतम ने आए हुए अतिथियों का स्वागत सम्मान किया और कार्यक्रम के अंत में भोजन दान दिया गया। समिति के संरक्षक लल्लन प्रसाद अंबेश ने कार्यक्रम को संपन्न बनाने में दिन-रात लगा कर, लल्लन प्रसाद अंबेश ने कार्यक्रम को संपन्न बनाने में दिन-रात कार्य करने वाले आयोजक मंडल व उपस्थित अतिथिगण के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मनोज कुमार चौधरी, दिनेश चौधरी, दीपक, प्रशांत, विवेक चौधरी, अजय कुमार, जगदीश बौद्ध, शोभाराम, रमेश कुमार, बुधप्रिय अंबेश, लीला पंकज, मंगीता, रेखा चौधरी, विजयलक्ष्मी, चंद्ररीता आदि लोग उपस्थित रहे।
           कार्यक्रम में शामिल लोग 
निर्दल प्रत्यासी ने शपथ पत्र के जरिये किये वादे

निर्दल प्रत्यासी ने शपथ पत्र के जरिये किये वादे

27 बिंदु के वादों को पूरा न करने पर सजा भोगने को तैयार 

अयोध्या: निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है, दिग्गज प्रत्याशियों के साथ निर्दल प्रत्याशी भी चुनावी समर में कूद चुके है, सब के अपने-अपने वादे हैं और अपने-अपने दावे, इन सब के बीच  एक निर्दल प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो अपने वादों को बकायदा शपथ पत्र पर लिखकर जनता के सामने रख रहे है, उनका कहना है कि यदि 5 सालों में स्टांप पेपर में लिखे बिंदुवार 27 वादों को मैं नहीं पूरा कर पाता हूं, तो अयोध्या की जनता मेरे साथ जो कुछ भी करना चाहेगी मैं उसे सहर्ष स्वीकार कर लूंगा, अगर जेल भी भेजना चाहेगी तो भी मैं तैयार हूं।

बता दें कि अयोध्या से निर्दलीय मेयर पद प्रत्याशी प्रियकीर्ति की शैक्षणिक योग्यता बीटेक, एमटेक है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अयोध्या में राम राज्य के संकल्प के साथ चुनाव लड़ रहे हैं और वह कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं जो 75 वर्षों में किसी ने करने की हिम्मत नहीं दिखाई। हम हर चुनावी वादा स्टांप पेपर पर देने वाले हैं, उन्होंने अपने द्वारा जारी किए गए स्टैम्प पेपर पर स्वच्छता के लिए मोबाइल ऐप, हरित अयोध्या बनाने, हर 3 वार्ड के बीच में लोहिया प्राथमिक उपचार केंद्र, योग के लिए पतंजलि योग केंद्र, पुलिस और बैंकिंग की परीक्षाओं की तैयारी की निशुल्क सुविधा, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य रोजगार परक कोर्स की निशुल्क ट्रेनिंग देने की शुरुआत, साथ ही साथ नरेंद्र दामोदर दास मोदी महाविद्यालय, जैसी तमाम योजनाओं का जिक्र किया है। प्रियकीर्ति द्वारा अपने शपथ पत्र पर किए गए चुनावी वादों में पत्रकारों को भी लुभाना नही भूले उन्होंने पत्रकारों के लिए  पत्रकार पुरम कॉलोनी बनवाने का भी वादा है, साथ ही साथ 500 आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए 5 साल सतत प्रयास का संकल्प किया है।

13 April 2023

जगत कल्याण के लिए होता है भगवान का अवतार-पंडित शिवांश महाराज

जगत कल्याण के लिए होता है भगवान का अवतार-पंडित शिवांश महाराज

ग्राम पंचायत मधुपुर में कथा का रसपान कराते कथा व्यास

अयोध्या। ग्राम पंचायत मधुपुर में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित शिवांश जी महाराज ने कहा कि भगवान का अवतार जगत कल्याण के लिए होता है।
कथा ब्यास ने कहा कि जब जब धरती पर अत्याचार बढ़ा है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियों का नाश करके धर्म की रक्षा की है। कहा कि काम, क्रोध, मद, लोभ  यह सब व्यक्ति को अधर्म और पाप की तरफ ले जाता है और परमात्मा से दूरी बना लेता है इससे बचने का उपाय परमात्मा का शरण है। कहा कि हर ब्यक्ति के अंदर रावण और कंस बसता है लेकिन जब भक्ति प्रबल होती है तो दुर्गुण रूपी रावण और कंस का समूल विनाश होता है और तभी मनुष्य के जीवन में रामराज आता है और वह एक विवेकशील प्राणी बनकर कर समाज को नई दिशा देता है। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अनन्त ऐश्वर्य, अनन्त बल, अनन्त यश, अनन्त श्री, अनन्त ज्ञान और अनन्त वैराग्य की जीवन्त मूर्ति हैं। श्रीकृष्ण परिपूर्णतम् परब्रह्म हैं। वे ही सबके हृदयों में व्याप्त अन्तर्यामी हैं। कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण की जन्म की कथा विस्तार से बताया जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। भगवान के जन्म के अवसर पर महिलाओं ने बधाई गीत गाया। इस अवसर पर मुख्य यजमान राधेश्याम मिश्रा, देव नारायण मिश्रा, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, डॉ. सुनील मिश्रा, रोहित मिश्रा सहित ग्रामीणों ने कथा का रसपान किया।

10 April 2023

प्रो. राजीव गौड़ विज्ञान संकायाध्यक्ष नियुक्त हुए

प्रो. राजीव गौड़ विज्ञान संकायाध्यक्ष नियुक्त हुए

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल के आदेश पर सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रो. राजीव गौड़ को विज्ञान संकायाध्यक्ष नियुक्त किया गया। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो0 प्रो. चयन कुमार मिश्र का कार्यकाल पूरा होने के बाद वरिष्ठता क्रम में चक्रानुक्रम के अनुसार प्रो. गौड़ को संकायाध्यक्ष बनाया गया। प्रो0 राजीव का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से तीन वर्ष अथवा अधिवर्षिता की आयु पूर्ण होने तक किया गया है। नवनियुक्त विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. गौड़ वर्तमान में एमएड विभाग के समन्वयक के दायित्व का निर्वहन कर रहे है। इनके 90 शोध-पत्र अन्तरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके है। आठ बुक के साथ 32 अन्तरराष्ट्रीय किताबों में इनके अध्याय प्रकाशित हुए है। इसके अलावा 06 शोध परियोजनाएं चल रही है। प्रो0 गौड़ के विज्ञान संकायाध्यक्ष नियुक्त होने पर कुलसचिव उमानाथ, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ला, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, प्रो. राजीव गौड़, प्रो. अशोक कुमार राय, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. जसवंत सिंह, प्रो. केके वर्मा, प्रो. विनोद श्रीवास्तव, प्रो. फारुख जमाल, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. शैलेंद्र वर्मा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. तुहिना वर्मा, सहायक कुलसचिव डाॅ. रीमा श्रीवास्तव, मो. सहील, डाॅ. संग्राम सिंह, डाॅ. राना रोहित सिंह, डाॅ. वंदना रंजन, डाॅ. शिवी सिंह, डाॅ0 पीके द्विवेदी, डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी, डाॅ. मणिकांत त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षकों व कर्मचारियों ने बधाई दी।
गए थे दरोगा जी गैंगरेप मामले में बयान लेने शुरू कर दी छेड़खानी...!

गए थे दरोगा जी गैंगरेप मामले में बयान लेने शुरू कर दी छेड़खानी...!

आक्रोशित ग्रामीणों ने की पिटाई, तो दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू विभागीय जांच
अयोध्या। अयोध्या जनपद के कोछा गांव में एक दरोगा पर बयान लेने के दौरान आरोपी की मां से छेड़खानी करने का बड़ा आरोप लगा है। रविवार को हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सादी वर्दी में गए दरोगा जी की जमकर पिटाई कर दी। जिसकी जानकारी के बाद पहुंची स्थानीय पुलिस दरोगा को लेकर अस्पताल पहुंची और उसका मेडिकल कराया। इस मामले में आरोपी दरोगा के पी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 
दरअसल यह पूरा मामला बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के कोछा गांव का है। जहा अयोध्या जनपद के इनायतनागर थाने में तैनात दरोगा के.पी यादव अगस्त 2022 में हुए गैंगरेप आरोपी गुलशन यादव की मां से बयान लेने गए थे। मिल्कीपुर सीओ आशुतोष ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि शादी का झांसा देकर उसके साथ गैंग रैप किया गया। इसी की विवेचना में गए दरोगा जी न तो वर्दी में  गए और न ही महिला से बयान लेते समय महिला सिपाही ही अपने साथ ले गए। बताया जाता है कि महिला से अकेले में बयान लेते समय दरोगा के. पी .यादव ने छेड़खानी और अश्लील हरकत शुरू कर दी। जिसके बाद महिला ने शोर मचाया तो ग्रामीण जमा हो गए और सादी वर्दी में अकेले गए दरोगा जी की पिटाई कर दी। इस घटना की सूचना पाकर स्थानीय बीकापुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दरोगा जी को लेकर अस्पताल पहुंची जहा उनका उपचार और मेडिकल हुआ। इस मामले में आरोपी दरोगा के. पी.यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। 

09 April 2023

भाजपा नेता ने सीएम महाराष्ट्र को भेंट किया धार्मिक ग्रन्थ

भाजपा नेता ने सीएम महाराष्ट्र को भेंट किया धार्मिक ग्रन्थ

धार्मिक ग्रंथों को राष्ट्रीय घोषित करने की उठाई मांग 

अयोध्या: वरिष्ठ भाजपा नेता व मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक "बाबा" ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अयोध्या आगमन पर श्रीरामचरित मानस और श्रीमद्भागवत गीता भेंट कर स्वागत किया और मांगपत्र सौंप कर इन्हें राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग उठायी।
     
एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुँचे तो रामकथा पार्क से स्वागत और अभिनंदन का जो दौर शुरू हुआ तो लगातार चलता ही रहा। इसी कड़ी में स्वागत व अभिवादन करते हुए भाजपा नेता शरद पाठक "बाबा" ने रामकथा पार्क में श्री रामचरित मानस व श्रीमद्भागवत गीता भेंट किया, इस के साथ ही मांग पत्र सौंप कर इन गर्न्थो को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग उठाई। 

बता दें कि श्रीरामचरित मानस, रामायण व श्रीमद्भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मित्रमंच की तरफ से लगातार मुहिम चलाई जा रही है। इसके अन्तर्गत मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख पहले ही  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मांग पत्र भेज चुके हैं। इसके बाद कचहरी में अधिवक्ताओं और अयोध्या के धर्माचार्यों को भी पत्रक भेंट कर समर्थन मांगा। शरद पाठक ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने दोनों धार्मिक ग्रन्थ सहर्ष स्वीकार करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया है।

07 April 2023

09 अप्रैल को नौ घंटे अयोध्या में रहेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

09 अप्रैल को नौ घंटे अयोध्या में रहेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

रामलला के आशीर्वाद के बाद लेंगे साधु संतों का आशीर्वाद... 

राम मंदिर निर्माण की प्रगति का भी लेंगे जायजा

अनूप कुमार, अयोध्या: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 09 अप्रैल को अयोध्या दौरे पर रहेंगे, जिसकी तैयारियां जोरों पर है। स्वागत के लिए पूरी अयोध्या को होल्डिंग, बैनर और शिवसेना के झंडों से सजाया और संवारा जा रहा है। सबसे खास बात है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपनी टीम के साथ एक नाथ सिंदे अयोध्या आ रहे है तो उनके स्वागत में लगने वाले होर्डिंग और बैनर में "प्रभु श्री राम जी का सम्मान, हिंदुत्व का तीर कमान" "आशीर्वाद प्रभु श्री राम जी का, शिव धनुष प्रतीक हिंदुत्व का" "राजतिलक की करो तैयारी आ रहे हैं, आ रहे है भगवाधारी" जैसे स्लोगन कुछ खास इशारा करते है, और यह भी तस्वीर नजर आती है कि  यह 2024 चुनाव तैयारी तो नही.....
नौ अप्रैल को 9 घंटे अयोध्या में रहेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

अब हम आपको बताते हैं 09 अप्रैल को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एक नाथ सिंदे का पूरा 09 घंटे का प्रोग्राम... महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अपनी पूरी टीम के साथ 9 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे रामकथा पार्क में बने हेलीपैड पहुंचेंगे और वहां से सीधे निकलकर 11:15 पर होटल पहुंचेंगे, जहां करीब 30 मिनट आरक्षित है। 11:45 पर होटल पंचशील से राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना होंगे और दोपहर 12:00 बजे भगवान रामलला के आरती में शामिल होने के बाद 1:30 बजे तक मंदिर निर्माण प्रगति का जायजा लेंगे। 2:30 बजे होटल पंचशील में पत्रकार वार्ता के बाद शाम 3:30 बजे लक्ष्मण किला में आयोजित कार्यक्रम में संत महंतों से आशीर्वाद लेंगे और शाम 6:00 बजे सरयू आरती सरयू आरती में शामिल होने के बाद 7:05 पर सड़क मार्ग से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का अयोध्या दौरा 2024 चुनाव के लिए होगा खास!

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का यह दौरा खास मना जा रहा है और इसके साथ ही आने वाले 2024 के चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है, जहां एक तरफ रामलला के दर्शन के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जब वापस लौटते समय सीएम योगी से भी मुलाकात करेंगे इस दौरान अयोध्या में बनने वाले महाराष्ट्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वही दूसरी तरफ शिव सेना की तरफ से 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय मुख्यमंत्री सहित शिवसैनिकों के अयोध्या पहुचने का दावा किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुच रहे हैं एक नाथ शिंदे

शिवसेना के सैक्रेटरी भाऊ साहब चौधरी ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे अयोध्या आ रहे हैं और इसके पहले भी आ चुके हैं। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुच रहे है उनके स्वागत में झंडे और बैनर लगे हुए है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश वासी और अयोध्या वासी प्रचंड उत्सुक है, उनके स्वागत के लिए महाराष्ट्र से सभी नेता, पार्टी लीडर एक एक एक करके अयोध्या पहुच रहे है और मुंबई, नासिक व थाना से 7 तारीख को मुम्बई से अयोध्या के लिए ट्रेन आ रही है जी 8 तारीख की सुबह तक पहुच जाएगी। 

04 April 2023

ग्रंथो को राष्ट्रीय ग्रंथ के अभियान मित्रमंच के समर्थन में आया संत समाज

ग्रंथो को राष्ट्रीय ग्रंथ के अभियान मित्रमंच के समर्थन में आया संत समाज

श्री रामचरित मानस, रामायण और श्रीमद्भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के पक्ष में संतों ने भारी हुंकार

अयोध्या। रामचरित मानस, रामायण और श्रीमद्भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के लिए अभियान तेज हो चला है। ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के विशेष अभियान को अब साधु संतों का भी समर्थन मिलने लगा है। रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास के आवास पर साधु-संतों ने इकट्ठा होकर मित्र मंच के समर्थन में ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के लिए हुंकार भरी।
बता दे वरिष्ठ भाजपा नेता व मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक "बाबा" नें रामचरितमानस सहित धार्मिक ग्रंथों को राष्ट्रीय गण घोषित करने के लिए जन जागरण अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले दिन कचहरी में अधिवक्ताओं और वार्ड कार्यों को पत्रक बैठकर जागरूक किया गया जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं का समर्थन मिला। इसके बाद अभियान के दूसरे दिन इस मांग के समर्थन में रामलला के मुख्य पुजारी सहित अयोध्या के साधु संतों ने भी हुंकार भरी। संतों का कहना है कि आए दिन रामचरित मानस जैसे धार्मिक ग्रंथों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती है और उनकी प्रतियां जलाई जाती है। यदि इन ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथों का दर्जा दिया जाता है तो इसके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के वालों को सजा मिलेगी और सजा के डर से लोग इन पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं कर सकेंगे।

31 March 2023

श्री अध्यात्म शक्तिपीठ पर भजन सम्राट अनूप जलोटा ने दी प्रस्तुति

श्री अध्यात्म शक्तिपीठ पर भजन सम्राट अनूप जलोटा ने दी प्रस्तुति

ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन... गाने पर अनूप जलोटा ने बांधी समा

मुबारकगंज, अयोध्या :वासंतिक नवरात्र की दशमी पर सोहावल के मुबारकगंज स्थित श्री अध्यात्म शक्तिपीठ पहुंचे भजन सम्राट अनूप जलोटा  के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। भजन सम्राट की एक झलक पाने को लोग आतुर दिखे। अनूप जलोटा ने मंच से ऐसी लागी लगन मीर हो गई मगन.. भजन गया, श्रद्धालुओं, भक्तों ने तालियों की गडगड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। पहली बार श्री अध्यात्म शक्ति पीठ पहुंचे भजन सम्राट पूरी तरह भक्ति से ओतप्रोत नजर आये। उन्होंने सबसे पहले शक्तिपीठ में विराजमान मां पीतांबरा, मां तारा, महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती का पूजन किया। भजन सम्राट ने गुरुदेव पं. रामकृष्ण पांडेय आमिल की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने यत्र तत्र सर्वत्र दतिया पीठाधीश्वर गुरु स्वामी महाराज का पूजन किया। श्री अध्यात्म शक्तिपीठ न्यास के अध्यक्ष पं. देवमित्र पांडेय ने उनकी अगवानी की। मुख्य अर्चक सुधीर पांडेय सहित मंदिर से जुड़े साधकों ने उनका अभिनंदन किया। तकरीबन 45 मिनट पीठ परिसर में रहे भजन सम्राट ने तीन भजन प्रस्तुत किये। उन्होंने अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम और किशोर कुमार का गाेल्डेन गीत ये शाम मस्तानी मदहोश किये जाए...भी गाया। नवरात्र की दशमी पर श्री अध्यात्म शक्ति पीठ परिसर भजन सम्राट के सुरों के लिए हमेशा याद की जाएगी।
रामचरित मानस, रामायण और श्रीमदभागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे सरकार-शरद पाठक बाबा

रामचरित मानस, रामायण और श्रीमदभागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे सरकार-शरद पाठक बाबा

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या से रामचरित मानस, रामायण और  श्रीमदभागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग तेज होती जा है। इसी कड़ी में मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख व वरिष्ठ भाजपा नेता शरद पाठक "बाबा" ने हाल ही में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर रामचरित मानस, रामायण और श्रीमद भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ का दर्जा दिलाने की मांग की, इसके बाद अब अपनी मांग के समर्थन में बकायदा पत्रक छपवा कर जन जागरण अभियान शुरू कर दिया है। 
बता दें कि वरिष्ठ भाजपा नेता व मित्रमंच राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक बाबा की मांग है कि श्रीराम चरित मानस, रामायण और श्रीमदभागवत गीता को सरकार राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश जिसे देवभूमि कहा गया है, वहां इन ग्रंथों का राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है, विश्व के करोड़ों सनातनी हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उक्त ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी हिंदुओं से आग्रह और निवेदन है कि प्रभु श्रीराम व प्रभु श्री कृष्ण से जुड़े ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कराने के लिए अभियान में साथ दें।
जनसहभागिता से होगी श्रीराम वन गमन की साइकिल यात्रा:अभिषेक सावंत

जनसहभागिता से होगी श्रीराम वन गमन की साइकिल यात्रा:अभिषेक सावंत

अयोध्या: अपनी पौराणिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और श्रीराम मंदिर के भव्य निर्माण के साथ विश्व पटल पर स्थापित होने के लिए तैयार है। समय-समय पर न सिर्फ अयोध्या बल्कि श्रीराम वन गमन पथ से जुड़े स्थलों की खोज और प्रासंगिता के प्रचार-प्रसार के लिए शोधार्थियों का समूह राम गमन पथ पर जाता रहा है| ऐसे में अयोध्या के निवासी अयोध्या डायरी टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष अभिषेक सावंत भी राम गमन पथ की ओर 06 अप्रैल दिन गुरुवार को शोध और अयोध्या के पर्यटन प्रचार-प्रसार के लिए जायेंगे| ऐतिहासिक गुरुद्वारा नजरबाग में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए अभिषेक सावंत कहते हैं उनकी यात्रा  सामाजिक सहयोग से शुरू हो रही है जिसमे "मेरी यात्रा एक रुपए में अयोध्या से रामेश्वरम" अभियान से लोग उनसे जुड़ सकते है। साइकिल मोबाइल, बैग जैसे जरूरी संसाधन जनसहयोग से मुझे प्राप्त भी हो रहे हैं। वही अयोध्या की कई सामाजिक संस्थाएं भी सहयोग के लिए आगे आ रही है। अभिषेक सावंत की यह यात्रा पर्यटन और पर्यावरण जागरुकता पर केंद्रित होगी, जिसमे सावंत साइकिल से लगभग 5000 किमी की यात्रा करेंगे| सांस्कृतिक, ऐतिहासिक कला-विरासत की यह यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिल नाडु राज्यों के बीच की संस्कृति को भी अयोध्या से जोड़ने का कार्य करेगी| यात्रा के पड़ाव में पड़ रहे स्थलों पर श्रीराम जन्म भूमि की मिट्टी से जनसहयोग के माध्यम से रामायणकालीन पौधों का भी पौधरोपण किया जायेगा।

अभिषेक सावंत साक्षात्कार में बताते है कि श्री राम वन गमन की साइकिल यात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को न सिर्फ अयोध्या बल्कि राम वन गमन पथ के स्थलों से अवगत करवाना है| पर्यटन में जागरूकता के साथ पर्यावरण, नदियों का संरक्षण, कला संस्कृति का संरक्षण जैसे लक्ष्य को लेकर शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं के बीच जाना है| जनसहयोग की अपेक्षा के साथ विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए सामाजिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और लोक कलाकारों के सहयोग से शोध के नए स्वरुप को सफल बनाना है| सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यम से यात्रा वृतांत मेरे चैनल @ayodhyadiary पर व्लॉग से दिखाई जाएगी साथ ही "पहिया" नामक पुस्तक का लेखन भी किया जा रहा है | पहिया यानि की त्रेतायुग से वर्तमान कालचक्र के घटनाक्रम एवं श्रीराम वनों में जिन मार्गों से गुजरे उनके पीछे कई नयी संस्कृतियों के जन्म की खोज का वर्णन भी पुस्तक में प्रकाशित किया जायेगा।

अयोध्या नजरबाग गुरुद्वारा में पत्रकारवार्ता में गुरुद्वारा के सेवादार सरदार नवनीत सिंह कहते है कि विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य युग युगांतर से शोध और लेखन के द्वारा होता रहा है। आज के भौतिक युग में जहां हर कोई केवल अपने निजी विकास को लेकर जीविकोपार्जन में लगा है। ऐसे में एक यात्रा के रूप में हमारी संस्कृति, इतिहास, धर्म और भारतीय संकृति के भविष्य को एक सूत्र में पिरोने का कार्य अभिषेक सावंत करने जा रहे है तो मुझे लगता है सभी को बढ़चढ़ कर इनका सहयोग करना चाहिए। 

कौन है अभिषेक सावंत

अभिषेक सावंत अयोध्या में 8 वर्षो से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे है| डॉक्टर राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र सभा के सदस्य भी है। विगत कई वर्षों से पर्यटन के क्षेत्र में भी अयोध्या की पौराणिकता और ऐतिहासिकता को तथ्यपूर्ण जानकारियों के साथ देश-विदेश के पर्यटकों को अयोध्या भ्रमण करवाने का भी कार्य कर रहे है| बनारस की संस्था टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन अयोध्या चेप्टर के सह-संयोजक भी अभिषेक सावंत है| जिला प्रशासन के सहयोग से मॉरीशस के राष्ट्रपति, उप्र के पूर्व राज्यपाल राम नाईक, सूबे के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और कई केंद्रीय/राज्य मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों को भी अयोध्या दर्शन करवाने का अनुभव भी सावंत के पास है।

30 March 2023

Ram Navami 2023: रामनवमी को लेकर अयोध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Ram Navami 2023: रामनवमी को लेकर अयोध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

  तस्वीरों में देखें राम जन्मोत्सव का शानदार नजारा रामनवमी के मौके पर रामनगरी अयोध्या में आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े.  मंदिर से लेकर सरयू नदी के तट तक श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। 



आज अयोध्या में रामनवमी पर्व (Ramnavami 2023) बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है. . इस अवसर पर अयोध्या में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस बार रामलाल के अस्थायी मंदिर में रामनवमी आखिरी बार मनाई जा रही है, ऐसे में धूमधाम से मनाई जा रही है. जिसकी महिमा पूरे अयोध्या में दिखाई देती है। अयोध्या में आज सुबह से रामजन्मोत्सव शुरू हो गया है

रामलला के अस्थायी मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया हैं . पूरा मंदिर फूलों की खुशबू से भर गया है और इस बार अयोध्या में रामनवमी के लिए खास तैयारी की गई है. 9 दिनों तक भगवान रामलला को नए वस्त्र धारण करने पड़े। दोपहर 12 बजे रामलला ने विशेष आरती की, इस मौके पर अयोध्या के कनक भवन में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. भगवान रामलला के भोग के लिए एक  कुंटल पंचामृत तैयार किया गया, भोग के लिए 4 तरह की पंजीरी तैयार की गई, साथ ही फल और मिठाई का भी भोग लगाया गया. रामनवमी के दिन सरयू नदी में स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है,


 क्योंकि श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या देखी गई क्योंकि उन्होंने आस्था का स्नान किया सरयू में स्नान के बाद सरयू नदी में विसर्जन किया, साथ ही प्रशासन ने इस अवसर पर कड़ी सावधानी बरती। श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह बेरिकेड्स लगाए गए है।




अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए भगवान रामलला के दर्शन का समय भी एक घंटा बढ़ा दिया गया है. समय में सुबह 30 मिनट और शाम को 30 मिनट की बढ़ोतरी की गई है।



29 March 2023

मुरादें पूरी करती है माँ हट्ठी महारानी- केशव बिगुलर एडवोकेट

मुरादें पूरी करती है माँ हट्ठी महारानी- केशव बिगुलर एडवोकेट

कश्मीर से कन्याकुमारी तक एवं कामरूप से कच्छ तक तमाम ऐसे मान्यता प्राप्त पूज्य स्थल, धर्मस्थल तथा शक्तिपीठ विद्यमान है, जहाँ वर्ष भर मनोकामनाओं की पूर्ति एवं मानसिक शान्ति प्राप्त करने हेतु श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहता है। ऐसे ही स्थानों में एक स्थान उत्तर प्रदेश के नगर फैजाबाद के बीचों-बीच स्थित है, प्रख्यात शक्ति पीठ माता हट्ठी महारानी का मन्दिर। देखने में माता का यह मन्दिर छोटा अवश्य प्रतीत होता है, किन्तु श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का उन्नत शिखर अत्यन्त उच्च है। मान्यता प्रचलित है कि यहाँ माता के दरबार में शीश नवाने वालों का हर समय कतारें बनी रहती है। धीरे-धीरे माता के स्थान की कीर्ति सम्पूर्ण पूर्वी उत्तर प्रदेश भारत में फैल चुकी है।
माता के स्थान के बारे में एक किवदन्ती प्रचलित है कि नगर के ठठरैया मुहल्ले में लगभग एक सौ सत्तर वर्ष पूर्व एक वटवृक्ष के नीचे एक श्रद्धालु कुम्हार प्रतिदिन जलाभिषेक करता था, एक दिन उसने देखा कि जिस स्थान पर वह अभिषिक्त जल गिरता है, वहाँ वट वृक्ष में एक दरार उत्पन्न होने लगी, दिन-प्रतिदिन वह दरार चौड़ी होती गई एवं अन्ततः उसमें एक देवी प्रतिमा का दर्शन होने लगा। कालान्तर में श्रद्धालुओं द्वारा माँ की यह प्रतिमा वहाँ से उठाकर मन्दिर में स्थापित करके माँ हट्ठी महारानी के नाम से पूजन अर्चन होने लगा। स्वतन्त्रंता प्राप्ति के कुछ वर्ष बाद ही पुरातत्व विभाग के लोगों की नजर माँ की मूर्ति पर पड़ी तो उन्होंने उसका सर्वेक्षण करते हुए विश्लेषण किया और उक्त मूर्ति के महाभारत काल के पूर्व का अर्थात् आज से लगभग 5000 वर्ष पूर्व का होने का दावा किया।
वहीं दूसरी तरफ इस प्रतिमा के सम्बन्ध में पौराणिक एवं पुरातात्विक प्रमाण भी अत्यन्त स्पष्ट है। उपरोक्त माता हट्ठी महारानी के मन्दिर की व्यवस्था को देखने वाली माँ हट्ठी महारानी मन्दिर सेवा समिति के प्रवक्ता केशव बिगुलर के अनुसार साठ के दशक में माँ मैहर शक्ति पीठ के महाधिकारी जब किसी कार्यवश फैजाबाद आए और माता के उक्त स्थल की चर्चा सुनी तो वे माँ का दर्शन करने से स्वयं को रोक न सकें, माँ के मन्दिर में आकर उन्होंने दर्शन प्राप्त किया तथा पूजा अर्चना के पश्चात् वे प्रतिमा को आश्चर्य मिश्रित निनिमेष दृष्टि से देखते हुए उन्होंने बताया कि सन्दर्भित प्रतिमा माँ के उस बिम्ब का प्रतिबिम्ब है जब माँ शक्ति के सामने अहिरावन श्रीराम व लक्ष्मण को उनके सम्मुख पाताल में बलि देने हेतु प्रस्तुत करता है और प्रथम बार शीश झुकाने पर ही बजरंग बली उसका वध करते है तत्पश्चात श्रीराम लक्ष्मण को कन्धे पर बिठाकर माता को नमन कर सकने को उद्यत होते है उस क्षण सारा प्रतिबिम्ब माँ के मुकुठ पर अंकित हो जाता है। वही प्रतिमा नगर फैजाबाद में माँ हट्ठी महारानी के रूप में दर्शनीय है। जहाँ एक ओर माता का यह स्थान पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टिकोण से अपना विशिष्ट स्थान बनाये हुए है। वहीं दूसरी ओर वह मन्दिर दक्षिण दिशा मुखी और शेर पे सवार माँ, वह भी आशीर्वाद की मुद्रा में होने के कारण माता की यह प्रतिमा तांन्त्रिक विधियों से भी काफी फलदायी मानी जाती है।
इतने पौराणिक एवं पुरातात्विक महत्व के इस स्थान के सेवा समिति के कार्य के अतिरिक्त अन्य किसी समिति अथवा शासन प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई सहयोग नहीं किया गया है, और न ही मन्दिर की व्यवस्था करने वाली संस्था ‘‘माँ हट्ठी महारानी मंदिर सेवा समिति’’ किसी प्रशासनिक सहयोग अथवा अनुदान की मोहताज ही है।
भक्तों की अट्टू आस्था व श्रद्धा का ही परिणाम है कि माता के मन्दिर के पूर्व एवं पश्चिम दीवार में स्थिति खिड़कियाँ मनौती के बन्धनों में भर ही जाती है। ऐसी मान्यता है कि मनौती पूर्ण होने के बाद भक्तगण स्वयं अपने हाथों से खिड़की पर बन्धे मनौती के धागे को खोल भी देते है।
ऐसा नहीं है कि ‘‘माँ हट्ठी महारानी मन्दिर सेवा समिति’’ केवल पूजा-अनुष्ठान का ही कार्य करती है बल्कि वह मन्दिर की व्यवस्था के साथ ही तमाम सामाजिक कार्यों को भी अंजाम देती है, जिसके लिए किसी से कोई चंदा इत्यादि नहीं लिया जाता, केवल समिति के सदस्यों का सहयोग और चढ़ावे से ही सारे कार्य सम्पादित होते हैं। समिति अपने स्तर से छानबीन करके वास्तव में निर्धन बच्चों को शिक्षा एवं गरीब व दलित कन्याओं का विवाह भी कराती है तथा नगर की एक मलिन बस्ती में बिना बोर्ड का एक सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केन्द्र निःशुल्क चलाती हैं साथ ही साथ निर्धन एवं आवश्यकता परक लोगों को दवा आदि से भी आर्थिक मदद करती है।
एक बार मैया के कोष से एक-दो बार कैन्सर के मरीज़ों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया था जो कि आज पूरी तरह स्वस्थ हो चुकें हैं। इसी क्रम में समिति ने अप्रैल-2006 से हृदय रोगियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा एवं परीक्षण के कैम्प प्रत्येक तीसरे माह आयोजित करना शुरू किया जिसमें अब तक लगभग 3500 मरीजों का परीक्षण एवं चिकित्सा पी0जी0आई0, लखनऊ के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ0 निर्मल गुप्ता द्वारा किया जा चुका है उनमें से लगभग 1000 से ज्यादा मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ भी हो चुके है। समिति ने वर्ष 1998 में लगभग 80000 रूपये लगाकर मंदिर का जीर्णोद्धार कराया उसके पश्चात् 1001 दलित कन्याओं को भोज दिया, जिसमें उन्हें वस्त्र तथा अच्छी दक्षिणा प्रदान की गई। समिति के पास मैया के सैंकड़ों छत्र हैं। जिसमें सवा किलो चाँदी का एक छत्र समिति का है शेष ग्यारह छत्र भक्तों ने चढ़ाये हैं तथा मैया के दस मुकुट हैं, जिसमें दो सोने का है तथा शेष आठ चाँदी के हैं। माँ के दरबार में दोनों नवरात्रि में प्रतिदिन 108 बत्ती की आरती का आयोजन होता हैं जिसमें हजारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं और उस समय इतनी भीड़ होती है कि नगर का मुख्य मार्ग चौक रिकाबगंज मार्ग पूरी तरह से जाम हो जाता है। उस समय यातायत व्यवस्था एकल मार्ग के रूप में परिवर्तित कर दी जाती है। प्रत्येक नवरात्रि की सप्तमी की सम्पूर्ण रात्रि में सवा कुन्तल हवन सामग्री से पूर्णाहुति देते हुए रात्रि जागरण किया जाता है। जन्माष्टमी एवं रामनवमी पर्वों पर विशेष झाँकी सजाई जाती है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु माता के द्वार पर प्रातः से लेकर देर रात तक माथा टेकने आते रहते हैं।