रिपोर्ट:कुमकुम
अयोध्या। देशव्यापी लाॅकडाउन में डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर परिसर के छात्र छात्राओं को जूम क्लाउड होस्टिंग एप प्लेटफॉर्म से संबोधित किया।
व्याख्यान को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि हम सभी को डाॅ0 अम्बेडकर के जीवन एवं आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। वे अपने समय के अर्थशास्त्री एवं विधिवेत्ता रहे है। उन्होंने आजीवन देश व समाज की सेवा की। कुलपति ने कहा कि आज कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है तो डाॅ0 अम्बेडकर जी की ही देन है। उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक है। वे स्पष्टवादी थे और सदैव देश के हित की सोचते थे। कुलपति ने कहा कि डाॅ0 अम्बेडकर ऐसे समाज की स्थापना करना चाहते थे जहां भेद-भाव व असमानता न हो। वे आजीवन देशहित एवं समाजहित में कार्य करते रहे।
मुख्य नियंता प्रो0 आरएन राय ने कहा कि डाॅ0 अम्बेडकर ने सामाजिक भेद-भाव के विरूद्ध अभियान चलाया था। वे भारतीय संविधान के जनक थे और हमारे देश का यह संविधान अन्य राष्ट्रों के संविधान से सशक्त है। वे एक ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता थे जिन्होंने अपना जीवन न्याय और समानता के लिय समर्पित कर दिया। कार्यक्रम में बीएचयू के प्रो0 कौशल किशोर मिश्र, प्रो0 अशोक शुक्ल, प्रो0 चयन कुमार मिश्र, प्रो0 रमापति मिश्र, डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, इं0 रमेश मिश्र, इं0 पारितोष डाॅ0 महेन्द्र पाल,



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