22 February 2026

तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नहीं होना होगा परेशान, घर-घर सत्यापन करेंगे बीएलओ

अयोध्या: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी एवं सुगम बना दिया गया है। इस नई व्यवस्था से मतदाताओं को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टी. फुडे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन मतदाताओं के नाम, आयु, लिंग, पते अथवा अन्य विवरण में तार्किक विसंगति पाई गई है, उन्हें अब किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) स्वयं संबंधित मतदाता के घर जाकर नोटिस का वितरण करेंगे तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि बीएलओ नोटिस की पावती लेकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड करेंगे। इस प्रक्रिया के पूर्ण होते ही सुनवाई स्वतः संपन्न मानी जाएगी। किसी भी मतदाता को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय या सुनवाई स्थल पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन नामावली की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। यह पहल मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी हो सके।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त हो तो बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, सही जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्यवाही पूर्ण की जा सके और पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप में निर्वाचन नामावली में दर्ज रहे।

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