3 मार्च 2026 को वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस खगोलीय घटना को लेकर धर्मनगरी अयोध्या में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। ग्रहण का समय शाम 3:19 बजे से 6:07 बजे तक निर्धारित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, इसलिए सुबह लगभग 8:00 बजे से ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे।
सूतक काल के प्रभाव के चलते अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन पर रोक रहेगी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भी ग्रहण अवधि के दौरान रामलला के दर्शन स्थगित रहेंगे। इसके साथ ही कनक भवन, दशरथ महल और हनुमानगढ़ी सहित अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों के पट भी बंद रहेंगे।
मंदिर प्रशासन के अनुसार रात लगभग 8:30 बजे तक दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी। ग्रहण समाप्ति और शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद ही पुनः नियमित आरती और दर्शन प्रारंभ किए जाएंगे।
हालांकि, ग्रहण काल में मंदिर परिसर पूरी तरह शांत नहीं रहेंगे। इस दौरान साधु-संत और पुजारी संकीर्तन, मंत्रजाप और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे घरों में रहकर भगवान का ध्यान, भजन-कीर्तन और मंत्रजाप करें।

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