22 February 2026

'रन फॉर राम' मैराथन: हजारों धावकों ने फिटनेस और आस्था के साथ लगाई दौड़

'रन फॉर राम' मैराथन: हजारों धावकों ने फिटनेस और आस्था के साथ लगाई दौड़

अयोध्या: क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित 'रन फॉर राम' मैराथन का चौथा संस्करण राम कथा पार्क में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लता मंगेशकर चौक से शुरू हुई इस दौड़ में हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में कार्यरत संगठन क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम फिटनेस और सामूहिक एकजुटता के उद्देश्य से सफल रहा।
अयोध्या की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित यह मैराथन प्राचीन '14-कोसी परिक्रमा' से प्रेरित है। इस वर्ष देश-विदेश के धावकों की बड़ी संख्या ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनाया। पिछले संस्करणों की तुलना में इस बार महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें 100 से अधिक महिला धावकों ने हिस्सा लेकर खेलों में समावेशिता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, अविनीश कुमार सिंह ने कहा, “रन फॉर राम के चौथे संस्करण का सफल समापन गर्व का विषय है। हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी और उत्साह सराहनीय है। आज अयोध्या में दिखा अनुशासन और ऊर्जा प्रभु श्री राम के शाश्वत मूल्यों को दर्शाती है।”
मैराथन में आरएफआईडी तकनीक का उपयोग किया गया और इसमें 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 3 किमी की श्रेणियां शामिल थीं। विजेताओं में अभिषेक सोनी (42 किमी पुरुष), प्रिंस राज यादव (21 किमी पुरुष), सोनी देवी (21 किमी महिला), संदीप पाल (10 किमी पुरुष) और अंकिता (10 किमी महिला) प्रमुख रहे।
आयोजन में कुल ₹15 लाख का पुरस्कार पूल रखा गया था। मुख्य 42 किमी पुरुष वर्ग में अभिषेक सोनी और इज़राइल के अंतरराष्ट्रीय धावक देस्ये एंडालेव दोनों को विजेता घोषित किया गया और प्रत्येक को ₹1.25 लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। अन्य श्रेणियों के विजेताओं को उनके प्रदर्शन के आधार पर ₹10,000 से लेकर ₹1 लाख तक के पुरस्कार दिए गए।
टीवाईसी कम्युनिकेशन की संस्थापक और स्त्री इंडियन स्पोर्ट्स फाउंडेशन की अध्यक्ष, गीता सिंह ने कहा, “इस वर्ष महिला धावकों की रिकॉर्ड भागीदारी देखना उत्साहजनक है। ऐसे मंच न केवल फिटनेस को बढ़ावा देते हैं बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करते हैं।”
आयोजकों ने गोवा सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार, उत्तर प्रदेश पर्यटन, इफ्को, अमूल, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। 'रन फॉर राम 2026' ने खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के माध्यम से अपनी पहचान सुदृढ़ की है।
अध्यात्म की नगरी अयोध्या में “रन फॉर राम संवाद” का भव्य आयोजन

अध्यात्म की नगरी अयोध्या में “रन फॉर राम संवाद” का भव्य आयोजन

अध्यात्म की नगरी अयोध्या में राम की पैड़ी और पवित्र सरयू तट पर क्रीड़ा भारती द्वारा “रन फॉर राम संवाद” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आगामी ‘रन फॉर राम मैराथन 2026’ के संदर्भ में आयोजित हुआ, जिसमें खेल, अध्यात्म और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों, प्रशासकों, विद्वानों और युवा प्रतिभागियों ने इसमें सहभागिता की।
कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों, उनकी मर्यादा, राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका तथा सनातन संस्कृति की वैश्विक प्रासंगिकता पर व्यापक चर्चा की गई। “वनवास से फिनिश लाइन तक” विषय पर वक्ताओं ने श्रीराम की तपस्या, धैर्य और संघर्ष की तुलना मैराथन धावकों की सहनशक्ति और अनुशासन से की।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि ‘रन फॉर राम’ को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सरकार सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि यह मैराथन फिटनेस, आस्था और एकता को बढ़ावा देने वाली अनूठी पहल है। उन्होंने अपनी खेल यात्रा का उल्लेख करते हुए युवाओं को निरंतर प्रयास और अनुशासन का संदेश दिया।
उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि खेल और अध्यात्म का समन्वय भारतीय परंपरा की पहचान है। उन्होंने घोषणा की कि ‘रन फॉर राम’ मैराथन को आधिकारिक स्वरूप देकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा, ताकि विभिन्न देशों के धावक इसमें भाग ले सकें।
पद्मश्री से सम्मानित पैरा ओलंपियन प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी खेल में उत्कृष्टता तपस्या के समान है, जिसके लिए समर्पण और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।
संवाद में अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक-खेल गंतव्य के रूप में विकसित करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। आयोजकों के अनुसार यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और राष्ट्रभाव का महोत्सव है, जो युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और राष्ट्रनिष्ठ जीवनशैली की ओर प्रेरित करेगा।

21 February 2026

रामनवमी मेला और होली को लेकर अयोध्या प्रशासन अलर्ट

रामनवमी मेला और होली को लेकर अयोध्या प्रशासन अलर्ट

अयोध्या में रामनवमी मेला और होली के मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनपद भर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि त्योहारों के दौरान आम लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
सहायक खाद्य आयुक्त माणिकचंद के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गई हैं, जो प्रतिदिन सुबह और शाम बाजारों में पहुंचकर मिठाई, डेयरी उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने ले रही हैं। प्रत्येक तहसील में एसडीएम के नेतृत्व में विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर रही हैं।
फूड सेफ्टी व्हील के माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। संदिग्ध नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच के दौरान प्रमोद वन स्थित बृजमोहन हेमंत कुमार की दुकान को अनियमितताएं पाए जाने पर सील किया गया, जबकि लक्ष्मी पशु आहार से लगभग 30 हजार रुपये मूल्य का पाम ऑयल जब्त किया गया।
होली को देखते हुए खोवा, मिठाइयों, सरसों का तेल, घी और पनीर की विशेष जांच की जा रही है। नकली खोवा की बाहरी आपूर्ति रोकने के लिए विजिलेंस और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वरिष्ठ पत्रकार विधि सिंह के निधन पर पत्रकारों में शोक, दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ पत्रकार विधि सिंह के निधन पर पत्रकारों में शोक, दी श्रद्धांजलि

अयोध्या। हिंदुस्तान समाचार के वरिष्ठ पत्रकार विधि सिंह के आकस्मिक निधन का अत्यंत दुःखद समाचार मिलते ही जनपद के पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। लंबे समय तक सक्रिय पत्रकारिता करते हुए उन्होंने अपनी निष्पक्ष लेखनी, बेबाक रिपोर्टिंग और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर एक अलग पहचान बनाई थी।
विधि सिंह अपने सरल स्वभाव, सौम्य व्यवहार और सहयोगी प्रवृत्ति के कारण पत्रकारों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उन्होंने सदैव सत्य और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी। उनके असामयिक निधन से न केवल उनके सहकर्मियों बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में भी गहरा दुख व्याप्त है। ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
अयोध्या जनपद के पत्रकारों ने पत्रकार चौराहे पर एकत्र होकर दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि विधि सिंह की कमी सदैव खलेगी। श्रद्धांजलि सभा में आकाश सोनी, समीर शाही, संजीव आजाद, अजय श्रीवास्तव ‘अज्जु’, रूपेश श्रीवास्तव, दिनेश पाठक, राजेन्द्र कुमार ‘राजू’ दूबे, सुबोध श्रीवास्तव, समाजसेवी राजेश सिंह ‘मानव’ एवं राजू सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सायरा बानो ने स्वेच्छा से अपनाया हिंदू धर्म, बनीं आरती रावत

सायरा बानो ने स्वेच्छा से अपनाया हिंदू धर्म, बनीं आरती रावत

अयोध्या। जनपद अयोध्या की तहसील मिल्कीपुर के थाना इनायतनगर क्षेत्र निवासी सायरा बानो ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म ग्रहण कर अपना नया नाम आरती रावत रख लिया है। उपलब्ध प्रमाण पत्र के अनुसार दिनांक 18 नवंबर 2025 को श्री राम जानकी मंदिर राज सदन में संतों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। यह कार्यक्रम महंत संत दास के सानिध्य में संपन्न हुआ, जहां हवन-पूजन के साथ वैदिक परंपरा के अनुसार संस्कार कराए गए।
शनिवार को सायरा बानो अधिवक्ता लव कुमार पांडेय एवं महंत संत दास के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और धर्म परिवर्तन से संबंधित प्रपत्र क्रमांक-1 प्रस्तुत किया। अधिवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश धर्मांतरण नियमों के तहत आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं तथा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही इस प्रक्रिया को प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाएगी।
आरती रावत (पूर्व नाम सायरा बानो) ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने पूर्ण होशोहवास में, बिना किसी दबाव, प्रलोभन या अनुचित प्रभाव के, स्वेच्छा से इस्लाम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म स्वीकार किया है। उनके अनुसार यह निर्णय उन्होंने व्यक्तिगत आस्था और विचार के आधार पर लिया है। आरती ने यह भी बताया कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर नया जीवन प्रारंभ किया है।
पूरी प्रक्रिया बड़ी छावनी के संतों एवं महंत संत दास के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, जबकि संबंधित पक्षों का कहना है कि सभी कदम विधि और नियमों के अनुरूप उठाए गए हैं।